दिल्ली मेट्रो फेज IV एक्सपेंशन देश की राजधानी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में नया इतिहास रच रहा है। वर्ष 2026 तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में 112 किलोमीटर से अधिक की मेट्रो लाइन और 44 नए स्टेशन जुड़ जाएंगे। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य है शहर के अलग-अलग हिस्सों को बेहतरीन और पर्यावरण-अनुकूल कनेक्टिविटी मुहैया कराना, जिससे हर नागरिक को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिले।
फेज IV के तहत 6 नए कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं—इनमें Janakpuri West-RK Ashram, Mukundpur-Maujpur, Aerocity-Tughlakabad, Lajpat Nagar-Saket G Block, Inderlok-Indraprastha, और Rithala-Narela शामिल हैं। कुछ कॉरिडोर 2026 तक चालू होंगे, जबकि बाकी थोड़े समय बाद पूरे होंगे। सबसे प्रमुख लाभ यह होगा कि साउथ, ईस्ट, वेस्ट और नॉर्थ दिल्ली के दूर-दराज़ इलाकों, नए रेजिडेंशियल हब और एयरपोर्ट को भी सीधे कनेक्शन मिल जाएगा।
प्रमुख कंपनियां जो प्रोजेक्ट में शामिल हैं
- Delhi Metro Rail Corporation (DMRC): इस पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य डेवेलपर और ऑपरेटर।
- Alstom: फ्रांस की यह कंपनी दिल्ली मेट्रो फेज IV के लिए 312 स्टैंडर्ड गेज मेट्रो कोच डिजाइन, उत्पादन और सप्लाई कर रही है, इन ट्रेनों को 15 साल की मेंटेनेंस सपोर्ट भी मिलेगा।
- Rail Vikas Nigam Limited (RVNL): यह सरकारी कंपनी Lajpat Nagar से Saket G Block के बीच विशेष कॉरिडोर तैयार कर रही है, जिसकी कीमत करीब 447 करोड़ रुपए है और इसके तहत आधुनिक एलिवेटेड रोड और स्टेशन बनेंगे।
- Hill International: यह कंपनी DMRC की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और कंसल्टेंसी जैसी सेवाएं दे रही है, जिससे निर्माण की रफ्तार और क्वालिटी बनी रहे।
- Japan International Cooperation Agency (JICA): फंडिंग और टेक्निकल सपोर्ट का बड़ा हिस्सा इस एजेंसी से भी मिल रहा है।
फेज IV छह नए कॉरिडोर में फैला है, जिसमें तीन “प्रायोरिटी कॉरिडोर” सबसे पहले 2026 तक चालू होने की संभावना है, और बाकी का काम 2028 तक पूरा होगा।
- Janakpuri West – RK Ashram Marg (28.92 किमी)
- Mukundpur – Maujpur (12.55 किमी)
- Aerocity – Tughlakabad (23.62 किमी)
- रिथाला – नरेला (21.73 किमी, अप्रूवल पेंडिंग)
- Narela-Kundli (4.86 किमी, अप्रूवल पेंडिंग)
- Lajpat Nagar – Saket G Block (7.96 किमी, अप्रूव्ड)
- Inderlok – Indraprastha (12.3 किमी, अप्रूव्ड)
दिल्ली के नागरिकों के लिए बड़े फायदे
- यातायात में क्रांतिकारी सुधार: फेज IV के बाद दिल्ली के हर बड़े क्षेत्र को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। ट्रैवल टाइम घटेगा, ट्रैफिक जाम कम होगा, और आम लोग ज्यादा आसानी से ऑफिस, स्कूल, कॉलेज पहुंच पाएंगे।
- शुद्ध वातावरण: जब ज्यादा लोग सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो) अपनाएंगे तो कारों/दुपहिया से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा, जिससे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहतर होगा।
- रियल एस्टेट बूस्ट: मेट्रो के नए रूट पर आने वाले क्षेत्रों में रियल एस्टेट का ग्रोथ बढ़ेगा, जिससे किराए और संपत्ति के दाम भी अच्छे रहेंगे, साथ ही जॉब और बिज़नेस के नए अवसर बनेंगे।
- सुरक्षित और सुविधाजनक ट्रैवल: सभी नए स्टेशन मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सुरक्षा फीचर्स से लैस होंगे। स्मार्ट ऐप्स, डिजिटल टिकटिंग, और राइडर-फ्रेंडली फैसिलिटी मिलेगी।
- इनवेस्टमेंट और आर्थिक ग्रोथ: 24,948 करोड़ रुपए से अधिक के इस प्रोजेक्ट से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और लोकल इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।
Delhi Metro Phase IV एक्सपेंशन दिल्ली वालों के लिए न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन को आसान और ग्रीन बनाता है, बल्कि किस्मत भी खोल सकता है—चाहे रियल एस्टेट हो, रोजगार हो या क्वालिटी लाइफ। अगले कुछ सालों में जब ये पूरा होगा, तब दिल्ली वाकई एक स्मार्ट सिटी की तस्वीर ले लेगी।

